भिखारी पर निबन्ध | Essay on Beggar in Hindi

Essay on Beggar in Hindi ( Bhikhari Par Nibandh ) – आप जब किसी धार्मिक स्थल पर जाते है तो आपको भिखारियों का झुंड दिख जाएगा. इनकी संख्या इतनी होती है कि गिनना मुश्किल होता है. इन्हें देखकर सबके मन में दया आ जाती है और हम उनकी मदत के लिए कुछ पैसे देने को तैयार हो जाते है. धार्मिक स्थल पर लोग पुन्य करने आते है इसलिए न चाहते हुए भी मजबूरी में दान देना पड़ता है. इसी प्रकार आप इन भिखारियों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन के बाहर, रेड लाइट आदि स्थानों पर देख सकते है.

भिखारियों में बच्चे-बूढ़े-जवान और स्त्री-पुरूष हर प्रकार के लोग होते है. बहुत से भिखारी अपंग होते है जिन्हें देखकर लोग उन्हें पैसा दे देते है. कई बार महिलायें कुछ माह- कुछ वर्ष के बच्चे के साथ भीख माँगते नजर आती है. एक औरत को इस हालत में देखकर किसको दया नही आएगी.

जिस उम्र के बच्चे हमारे घरों में हर प्रकार की सुविधा को आसानी से प्राप्त करते है. ठीक ऐसे ही बच्चे सड़क पुराने-फटे कपड़े पहनकर भूखे पेट अगर भीख मांगे तो कौन मना कर सकता है? सिर्फ इतना सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते है कि ये मासूम बच्चे अपने जरूरतों को कैसे पूरा करते होंगे. बीमर होने पर कौन इनका इलाज करवाता है? ये भिखारी कहाँ से आते है और कहाँ चले जाते है. इसकी कोई जानकारी नही होती है.

भिखारियों का गिरोह चलता है जहाँ अनाथ बच्चे को रहने और रूखा-सूखा खाने को दिया जाता है और उसके एवज में उन्हें पूरे दिन भीख माँगना होता है. कुछ परिवार के दबाव में भिखारी बन जाते है. कुछ लोग नशे की लत की वजह से भीख माँगना शुरू कर देते है. बहुत कम ऐसे लोग होते है जो मजबूरी में भीख माँगते है. अब आप सोच सकते है कि जो पैसे आप भीख में देते है वो कहाँ जाता है.

भिखारी को पैसे क्यों नही देना चाहिए?

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भिखारी को पैसे नही देना चाहिए क्योंकि आपके पैसे से भिखारी नशा कर सकता है. कोई हथियार खरीदकर कोई अपराध कर सकता है. आप भिखारी उसके जरूरत की चीज दें. जैसे खाने के लिए भोजन और पहनने के लिए कपड़े. अगर आपको ज्यादा दया आ रही है तो उनसे पूछ लीजिये कि आप क्यों भीख मांग रहे है. उन्हें जिस चीज की जरूरत हो उन्हें वो चीज खरीद कर दे दें. इससे भिखारियों के गिरोह की कमर टूट जायेगी. जो परिवार पैसे के लालच में बच्चे, स्त्री, बूढ़े लोगो को भीख माँगने के लिए मजबूर करते है. वो उन्हें भीख माँगने के लिए मजबूर नही करेंगे.

जब आप पैसा नही देंगे तो केवल जरूरतमंद लोग भीख नही मदत माँगेंगे. समय के अनुसार सबको सोच बदलने की जरूरत है. सरकारों को भी जागरूक और जागृत होना चाहिए ताकि इन भीख माँगने वाले के जीवन में सुधार आ सके. इनके लिए कुछ ऐसी योजनायें बनानी चाहिए. जहाँ इन्हें रोजगार मिल सके और उस आमदनी से अपने परिवार का पालन पोषण करें.

भिखारी के जीवन में बदलाव कैसे लाया जा सकता है?

शिक्षा वह अस्त्र है जिससे हर समस्या रुपी राक्षस का संघार किया जा सकता है. जो बच्चे भीख माँगते है. उनके परिवार को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि बच्चे को पढ़ने के लिए भेजे. सरकार को ऐसे शिक्षण संस्थान बनाने चाहिए. जहाँ सड़क पर भीख माँगने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके और रहने-खाने का भी इंतजाम हो. बहुत सारे NGO इस कार्य को करते है लेकिन वो महज दिखावे के लिए करते है. कुछ NGO सच में बदलाव चाहते है और वो जमीनी स्तर पर कार्य भी करते है.

शायद इतना करने से उतना बदलाव न आये जितना हम आप चाहते है. पढ़े-लिखे युवाओं को आगे आना चाहिए और ऐसे आइडियाज लाना चाहिए ताकि गरीब और भीख माँगने वाले के जीवन को रौशनी मिल जाएँ. हर इंसान के अंदर स्वाभिमान होना चाहिए और आत्मविश्वास होना चाहिए कि बिना भीख मांगे वह अपना जीवन बेहतर ढंग से जी सकता है.

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