कोरोना पर कविता | Poem on Corona in Hindi

Korona Par Kavita

Viral Poem Poetry on Corona ( Korona ) in Hindi – इस आर्टिकल में कोरोना पर एक बेहतरीन कविता दी गयी है जिसके माध्यम से आप कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने और इस फैलने से रोकने के लिए आप क्या कर सकते हैं. इस पर यह कविता दी गयी है. इसे जरूर पढ़े. इस कविता को नीचे दिए चित्र के माध्यम से भी समझ सकते हैं.

कोरोना पर कविता

कोरोना एक महामारी है,
जिसे रोकने की संघर्ष जारी है.

कोरोना को फैलने से हम सबको रोकना है,
साबुन-पानी से हाथ को बार-बार धोना है,
सैनीटाईजर का इस्तेमाल सीख लीजिये,
खाँसते और छीकतें वक्त टीशू का इस्तेमाल कीजिये.

कोरोना एक महामारी है,
जिसे रोकने की संघर्ष जारी है.

इस्तेमाल किये टीशू को फेक दीजिये,
साबुन-पानी से या सैनीटाईज से हाथ साफ़ कीजिये,
अगर आपके पास टीशू नहीं है तो
खांसते और छीकते वक्त अपने बाजू का इस्तेमाल कीजिये.

कोरोना एक महामारी है,
जिसे रोकने की संघर्ष जारी है.

खुद को इस बीमारी से बचाना,
बीमार व्यक्ति के पास मत जाना,
हाथ बिना धोये अपनी आँख,
नाक या मुंह को मत छूना.

यह चित्र bbc.com से लिया गया है.

जागरूक करती कोरोना पर एक कविता | Korona Par Kavita

कोरोना को हराने के लिए तुम भी आगे आओ,
अस्वस्थ होने पर घर के लोगो से भी दूरी बनाओ,
कोराना की शंका हो या उसके लक्ष्ण हो
तो तुरंत टोल फ्री नंबर घुमाओ.

नमस्ते करने की आदत डालो,
हाथ मिलाने का मतलब है कोरोना,
शाकाहार भोजन की आदत डालो,
मांसाहार का मतलब है कोरोना.

घर का भोजन करों,
बाहर खाने का मतलब है कोरोना,
तुम सावधान और सर्तक रहना,
जानकारी का अभाव है कोरोना.

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