आम पर कविता | Poem on Mango in Hindi

Mango ( Aam ) Poem Kavita Poetry Image Photo in Hindi – आम के फल की तुलना अमृत से की गई है. इसे बच्चे, बूढ़े और जवान सभी लोग पसंद करते हैं , परन्तु बच्चों को यह फल अति प्रिय है. आम के कई प्रकार होते है. इनके प्रकार के अनुसार इनके स्वाद भी होते है. सबसे ज्यादा मजा आता है. छोटे-छोटे आमों को चूस-चूसकर खाने में.

बहुत से लोग गर्मी के मौसम का इन्तजार करते है क्योंकि उन्हें आम अति प्रिय लगता है. आम खाने का असली मजा देशी आम में है. बाजार में कृतिम रूप से पकाये आम और पेड़ो के पके आमों के स्वाद में बड़ा ही अंतर होता है. आम स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.

ईश्वर ने जब अमृत चखा होगा,
तो उसका स्वाद आम जैसा रहा होगा.

Poem on Mango in Hindi

Poem on Mango in Hindi
Poem on Mango in Hindi | आम पर कविता

गर्मी का मौसम आया है,
मीठे-मीठे आम संग लाया है,
बच्चे-बूढ़े-जवान सबके मन को भाता है,
खाने को जिसको मिल जाए वो खुश हो जाता है.

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पके रसीले आम देखकर मन ललचाया,
पेड़ से तोड़कर ढेर सारा आम लाया,
घर में सबको दो-दो आम बांटकर
बाकी आम अकेले खाया.


मैं एक आम हूँ कविता | I am a Mango Poem

Mango Poem in Hindi
Mango Poem in Hindi | मैंगो पोएम इन हिंदी | आम पर कविता

आई ऍम अ मैंगो – I am a Mango
मैंगो का मतलब आम होता है,
इसको खाना बच्चों का काम होता है,
कच्चे पर खट्टा और पके पर मीठा
इसका बड़ा ही अच्छा स्वाद होता है.

आई ऍम अ मैंगो – I am a Mango
बच्चे आम को पत्थर से तोड़ते है,
कच्चे आमों को भी नहीं छोड़ते है,
आम को पाकर अति खुश हो जाते है
पके आमों को चूस-चूस कर खाते है.

आई ऍम अ मैंगो – I am a Mango
आम बच्चों के मन को भाता है,
छोटू खाना छोड़कर आम खाता है,
शाम को खेलने जाता है,
खेल कर आता है फिर आम खाता है.

आई ऍम अ मैंगो – I am a Mango
आम नहीं मिले तो रोता है,
कुछ भी दे दो फिर भी चुप नहीं होता है,
मम्मी-पापा पर गुस्सा होता है,
आम मिल जाएँ तो खाकर सोता है.

आई ऍम अ मैंगो – I am a Mango
छोटू को यदि मिल जाएँ आम,
छोड़ देता है सारा काम,
मुँह बना-बनाकर खाता है
उसके बाद बड़ा ही खुश हो जाता है.


आम पर कविता

आम पर कविता
आम पर कविता | Aam Par Kavita

आम फलों का राजा कहलाता है,
मीठा आम सबको खूब भाता है,
इसे देखकर बच्चों का मन ललचायें,
आम मिलने पर इसको जम कर खाये.

पीला-पीला बड़ा रसीला होता है आम,
बच्चे खाते है इसको सुबह और शाम,
फलों का राजा होता है आम.
इसको खाने के चक्कर में लोग छोड़ देते है काम.

छोटे बच्चो के सपने में आता है आम,
सपने में छोटू खाता है आम,
सुबह-सुबह मम्मी देती है जगा
छोटू रोता है कहकर आम-आम.

मम्मी कहती बागों में है मुस्काते आम,
तुम्हारे मन को जो भाते है आम,
मीठी-मीठी महक बिखरे
पेड़ो पर कच्चे-पक्के प्यारे आम.

बाग़ में जाओ,
ढेर सारा आम लाओ,
सबके संग बांटकर
इसको प्यार से खाओ.


Mango Poetry in Hindi

Mango Poetry in Hindi
Mango Poetry in Hindi | मैंगो पोएट्री इन हिंदी |

मीठे और रसीले आम, दादाजी के बाग में।
हम जाते जब होती शाम, दादाजी के बाग में।।

कच्चे और पके आमों से,
झुकी बाग की डाली।
रात और दिन करते रहते,
दो माली रखवाली।।

तोते आते रोज तमाम, दादाजी के बाग में।
मीठे और रसीले आम, दादाजी के बाग में।।

अच्छे लगते आम रसभरे,
हम सब मिल कर खाते।
आम फलों का राजा होता,
दादाजी समझाते।।

नीलम, केसर, लँगड़ा आम, दादाजी के बाग में।
मीठे और रसीले आम, दादाजी के बाग में।।

आम बहुत गुणकारी होता,
सेहत सही बनाता।
और आम के पत्तों से भी,
रोग दूर हो जाता।।

गुठली के मिल जाते दाम, दादाजी के बाग में।
मीठे और रसीले आम, दादाजी के बाग में।।
त्रिलोक सिंह ठकुरेला


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