Bhagat Singh Shayari | भगत सिंह शायरी

Bhagat Singh Shayari

Bhagat Singh Shayari in Hindi ( 23 March Saheed Diwas ) – भगत सिंह जी ने जिस उम्र में देश के आजादी के लिए जो कुर्बानी दी थी, उसे सोचकर यह हृदय वीरता, देशभक्ति और देशप्रेम की भावना से भर जाता हैं. इस पोस्ट में भगत सिंह पर बेहतरीन शायरी दी गयी हैं. इन शायरी को जरूर पढ़े और शेयर करें.

Bhagat Singh Shayari | बेस्ट भगत सिंह शायरी

लिख दो लहू से अमर कहानी वतन के खातिर,
कर दो कुर्बान हंसकर ये जवानी वतन के खातिर.
भगत सिंह शायरी


सीने में आग और हृदय में देशभक्ति का जूनून रखते है,
क्योंकि हमारे दिलों-दिमाग में भगत सिंह बसते हैं.
23 March Bhagat Singh Shayari Hindi


मेरे सर पे कर्जा है भगत सिंह की चीखों का,
मेरा हृदय आभारी है उनकी दी हुई सीखों का.
Bhagat Singh Shayari in Hindi


तिरंगा हो कफ़न मेरा बस यहीं अरमान रखता हूँ,
भारत माँ का इस हृदय में अमिट सम्मान रखता हूँ.
भगत सिंह शायरी


ना तन से प्यार है, ना धन से प्यार हैं,
हमें तो बस अपने वतन से प्यार हैं.
भगत सिंह शायरी


भगत सिंह की शायरी | Bhagat Singh Ki Shayari

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इन्कलाब लाएगा,
मैं रहूँ या न रहूँ पर ये वादा है मेरा तुमसे कि
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा.
सरदार भगत सिंह शायरी


भगत सिंह ने अपनी खून से इन्कलाब लिखा था,
जो आज भी हमारे दिलों पर उनका हस्ताक्षर हैं.
Bhagat Singh Shayari in Hindi


मेरी सोच स्वतंत्र और गतिमान है,
भगत सिंह हूँ, जेल में भी आजाद हैं.
Desh Bhakti Shayari Bhagat Singh in Hindi


वतन के रखवाले है हम,
शेर-ए-जिगर वाले है हम,
मौत से हमें क्यों डर लगेगा,
मौत के बांहों में पाले हुए है हम.
Bhagat Singh Shayari in Hindi


कर दी जिसने कुर्बान अपनी जवानी वतन के खातिर,
आओ हम भी खून से लिखे अपनी कहानी वतन के खातिर.


Bhagat Singh Shaheedi Diwas Shayari

भगत सिंह ने अपनी जान दे दी इस आजादी के लिए,
और आपस में हम लड़ रहे है छोटी-छोटी बातों के लिए.
Desh Bhakti Shayari Bhagat Singh in Hindi


वतन के लिए जो फना हो गये हैं,
तिरंगा उन्हीं की सुनाता कहानी,
किया दिल से हर फैसला जिंदगी का
कोई बात समझी, न बूझी, न जानी.


वतन से ख़ूबसूरत कोई सनम नही होता हैं,
तिरंगे से ख़ूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता हैं.


Bhagat Singh Birthday Shayari

मातृभूमि के लिए मर मिटना कबूल है हमें,
केवल स्वतंत्र भारत के स्वप्न का जुनून है हमें.


दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए,
हर करम हम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए.


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