संदीप सिंह का जीवन परिचय | Sandeep Singh

Sandeep Singh Indian Hockey Player

Sandeep Singh Biography in Hindi – संदीप सिंह एक हॉकी खिलाड़ी और “भारतीय हॉकी टीम ( Indian Hockey Team )” के पूर्व कप्तान रह चुके हैं. भातरीय हॉकी की ड्रैग फ्लिकर संदीप को पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ के रूप में हम जानते हैं. हॉकी में विशेष उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने संदीप सिंह को 2010 में “अर्जुन पुरस्कार” से सम्मानित किया. Sandeep Singh in Hindi इनका जीवन परिचय हमारे लिए एक प्रेरणा स्त्रोत हैं कि कैसे व्हील चेयर से उठकर फिर भारतीय हॉकी टीम में अपना स्थान बनाया.

Sandeep Singh Short Biography in Hindi | संदीप सिंह का संक्षिप्त जीवन परिचय हिंदी में

पूरा नाम – संदीप सिंह भिंदर ( Sandeep Singh Bhinder )
जन्म – 01 फ़रवरी, 1986
जन्म स्थान – शाहबाद, कुरूक्षेत्र, हरियाणा (भारत)
व्यवसाय – हॉकी
पिता – गुरुचरण सिंह
माता – दलजीत कौर
पुरस्कार – अर्जुन अवार्ड

Sandeep Singh Biography | संदीप सिंह की जीवनी

संदीप सिंह का जन्म 01 फ़रवरी, 1986 ई. में हरियाणा के कुरूक्षेत्र जिले के शाहबाद शहर में हुआ था. संदीप बचपन से खेल के प्रति रुचि था. उनका सपना था कि एक दिन वे एक बड़ा हॉकी खिलाड़ी जरूर बनेंगे. अथक परिश्रम और मेहनत के बाद उनका यह सपना पूरा हुआ और वो एक बड़े खिलाड़ी के साथ-साथ “भातरीय हॉकी टीम ( Indian Hockey Team )” के कप्तान भी रहें.

संदीप के पिता गुरूचरण सिंह और माता का नाम दलजीत कौर हैं. संदीप सिंह के बड़े भाई बिक्रमजीत सिंह भी इंडियन ऑयल की तरफ से हॉकी खेलते हैं.

Train Incident | ट्रेन की घटना

22 अगस्त 2006 में, शताब्दी ट्रेन में एक आकस्मिक गोलीबारी की घटना से प्रभावित होने के बाद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उन्हें 2 दिन बाद ही जर्मनी में विश्व कप के लिए जाना था. इस घटना ने उन्हें दो साल के लिए व्हील चेयर पर बिठा दिया. संदीप सिंह ने खुद को इस चोट से उबारा और फिर से अपनी जगह हॉकी टीम में बनाई.

किसी ने सच ही कहा हैं कि “जहाँ चाह होती हैं वहाँ राह होती हैं“. व्हील चेयर से उठकर अपने पैरों पर खड़े होने तक का सफ़र आसान नही रहा होगा. हमें देश के ऐसे युवा से प्रेरणा लेनी चाहिए और जीवन में आगे बढ़ने के लिए हर संभव प्रयत्न करने चाहिए.

Career of Sandeep Singh | संदीप सिंह का करियर

इन्होने अपना अन्तराष्ट्रीय खेल की शुरूआत 2004 से कुआलालुम्पुर में अजलान शाह कप से किया था और 2009 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान का पदभार सम्भाला. संदीप सिंह एक ड्रैग फ्लिकर थे जिसकी रफ़्तार से सामने वाले खिलाड़ी आश्चर्य में पड़ जाते थे. उनकी कप्तानी में, भारतीय हॉकी टीम ने इप्पहो में हुए, फाइनल मुकाबले में अपने प्रतिद्वंदी देश मलेशिया को हराकर 13 साल बाद, 2009 में “सुल्तान अजलान शाह कप” जीता था. संदीप सिंह एक टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल स्कोरर भी थे.

Sandeep Singh Awards | संदीप सिंह के अवार्ड

  1. भारत सरकार द्वारा, संदीप सिंह को 2010 में, फ़ील्ड हॉकी के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया.

Sandeep Singh Achievements | संदीप सिंह की उपलब्धियां

  1. संदीप सिंह ने सर्वाधिक गोल किए और 2009 के सुल्तान अजनलन शाह कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट अवार्ड जीता.
  2. 16 गोल करने के बाद, 2012 के ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में सिंह प्रमुख गोल स्कोरर थे.