बेहतरीन कविता शायरी | Poetry Shayari

Poetry Shayari in Hindi – जब कोई बात कविता के माध्यम से कही जाती हैं तो वह सबसे प्यारी लगती हैं. इसमें आपको Love Poetry Shayari, Funny Poetry Shayari, New Poetry Shayari, Latest Poetry Shayari आदि मिलेंगे इसे जरूर पढ़ें.

Best Poetry Shayari in Hindi | बेहतरीन कविता शायरी हिंदी में

जब उसकी धुन में रहा करते थे,
हम भी चुप चुप जिया करते थे
लोग आते थे गजल सुंनाने,
हम उसकी बात किया करते थे
घर की दीवार सजाने के खातिर,
हम उसका नाम लिखा करते थे,
कल उसको देख कर याद आया हमे,
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे,
लोग मुझे देख कर उसका नाम लिया करते थे.


एक भीगी हुई सी रात मिले,
उस रात में तेरा हाथ मिले,

तेरे लब से टपकें जो बूँदे,
उन्हें मेरे लबों का साथ मिले,

कुछ तुम भी बहके-बहके से,
कुछ मुझ पे नशा सा तेरा हो,

हर पल में छाये मदहोशी,
एक ऐसी रात हमारी हो,

फिर तुम आओ मेरी बाहों में,
मैं प्यार करू तुम्हे जी भर के,

तुम मुझसे थोडा शरमा जाओ,
शरमा के गले से लग जाओ,

मैं जितना तुमको प्यार करूँ,
तुम इतने ही बेताब हो जाओ,

हमें प्यार के कुछ लम्हात मिले,
एक भीगी हुई से रात मिले…


इन आँखों में डूब कर मर जाऊं,
ये खूबसूरत मैं काम कर जाऊं,

तेरी आँखों की झील उफ़्फ़ तौबा,
इन गहराईओं में मैं अब उतर जाऊं,

तेरी आँखें हैं या मय के ये पैमाने हैं,
पी लूं और हद से मैं गुजर जाऊं,

एक शिकारा है जो तेरी आँखों में,
तू कहे अगर तो इनमें मैं ठहर जाऊं,

तेरी आँखों की झील सी गहराई में,
जी चाहता है मेरा आज मैं उतर जाऊं…


टूट जाये ना भरम होंठ हिलाऊँ कैसे..
हाल जैसा भी है लोगों को बताऊँ कैसे..
खुश्क आँखों से भी अश्कों की महक आती है..
मैं तेरे ग़म को ज़माने से छुपाऊँ कैसे..
तू ही बता मेरी यादों को भुलाने वाली..
मैं तेरी याद को इस दिल से भुलाऊँ कैसे..
दिल मे प्यार होता तो तेरे दर पे हाथ फैलाता..
ज़ख़्म ले कर तेरी दहलीज़ पे आऊं कैसे..
तू रुलाती है तो रुला मुझे जी भर के..
तेरी आँखें तो मेरी हैं, मैं इन को रुलाऊँ कैसे…


खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं,
जिसे भी देखो परेशान बहुत है..
करीब से देखा तो निकला रेत का घर,
मगर दूर से इसकी शान बहुत है..
कहते हैं सच का कोई मुकाबला नहीं,
मगर आज झूठ की पहचान बहुत है..
मुश्किल से मिलता है शहर में आदमी,
यूं तो कहने को इन्सान बहुत हैं.


मुझे निस्बत हैं तुमसे या शायद मुहब्बत है,
मगर तुम मेरी जरूरत हो ये जरूरी तो नहीं..

चाहता हूं मैं तुम्हें शायद हर शय से ज्यादा,
मगर एक तुम ही चाहत हो ये जरूरी तो नहीं..

जो हैं हमारे दरमियां हां! वो हम दोनों का हैं,
ये सिर्फ मेरी ही अमानत हो ये जरूरी तो नहीं..

कुछ पहलु अनजान रहें कुछ जानने का अरमान रहें,
सब राज़ खोलु ये कुर्बत हो ये जरूरी तो नहीं..

जब चल पड़ें हो साथ तो कुछ दूरियां तय करें,
मुकाम मिले ये किस्मत हो ये जरूरी तो नहीं.