Mother Quotes | माँ पर बेहतरीन कोट्स

New and Best Mother Quotes in Hindi – मदर्स डे कोट्स ( Mother’s Day Quotes ), माँ पर कविता और बेहतरीन लाइन्स आदि के लिय इस पोस्ट को पूरा पढ़े.

“मेरी तकदीर में एक भी गम नही होता, अगर तकदीर लिखने का हक मेरी माँ को होता”

एक बच्चे के जीवन में माँ का बड़ा महत्व होता हैं. बच्चे के बिना बोले उसकी पीड़ा को केवल एक माँ ही समझ सकती हैं. हम ऐसा भी कह सकते हैं कि “माँ” के रूप में भगवान ही हमारे साथ रहते हैं.

माँ तो जन्नत की फूल हैं,
प्यार करना उनका उसूल हिं,

दुनिया की मोहब्बत फिजूल हैं,
माँ की हर दुआ कबूल हैं,

माँ को नाराज करना इंसान तेरी भूल हैं,
माँ के क़दमों की मिटटी जन्नत की धूल हैं…!!!

Mother Quotes in Hindi | मदर्स कोट्स हिंदी में

  1. माँ भले ही पढ़ी-लिखी हो या न हो पर दुनिया का दुर्लभ व महत्वपूर्ण ज्ञान हमे माँ से ही प्राप्त होता हैं.
  2. भगवान हर जगह नही हो सकते इसलिए उन्होंने माँ बनाई.
  3. मैं जो कुछ भी हूँ या होने की आशा रखता हूँ उसका श्रेय मेरी “माँ” को जाता हैं.
  4. जिस घर में माँ होती हैं, वहाँ सब कुछ सही रहता हैं.
  5. माँ की ममता से बड़ा दुनिया में कुछ भी नही हैं.
  6. इंसान वो हैं जो उसे उसकी माँ ने बनाया हैं.
  7. तूने रूला के रख दिया ए-जिन्दगी, जाकर पूछ मेरी “माँ” से कितने लाडले थे हम…!!!
  8. कौन कहता हैं कि फ़रिश्ते स्वर्ग में रहते हैं, कभी अपनी “माँ” को गौर से देखा हैं.
  9. जब एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच…तब मुझे भूख नही हैं ऐसा कहने वाली हैं – “माँ”…
  10. आपको पता है प्रेम अँधा क्यों होता हैं? क्योकि आपकी माँ ने आपका चेहरा देखने से पहले ही आपसे प्रेम करना शुरू कर दिया था.
  11. जिन्दगी की पहली गुरू “माँ” होती हैं.
  12. मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों सुबह आँख खुली तो देखा कि सर माँ के क़दमों में था…
  13. थक गया हूँ, मुझे अपने आँचल में छुपा लो…हाथ अपना फेरकर मेरे बालों में एक बार फिसर से बचपन की लोरिया सुना दो…
  14. मुझे इतनी फुरसत कहाँ कि अपनी तकदीर का लिखा देखूँ, बस माँ की मुस्कुराहट देखकर समझ जाता हूँ कि मेरी तकदीर बुलंद हैं.
  15. जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था, गोद में उठाकर जब माँ ने प्यार किया था.

Anmol Vichar on Mother | माँ पर अनमोल विचार

दुनिया का पहला प्रेम… माँ.
सबसे कीमती वरदान… माँ.
धरती पर ईश्वर की कहानी… माँ.
खुशियों की बाग़ में बागवान… माँ.
प्रकृति के सौन्दर्य का पहला उपहार… माँ.
काँटोंभरी राह में फूलों का अहसास… माँ.
खुशियों के अनमोल खजाने की राह… माँ.
प्यार और डांट का खट्टा-मीठा खेल… माँ.
गैरों की दुनिया में अपनों का विश्वास… माँ.

Ek Kavita Har Maa Ke Naam | एक कविता हर माँ के नाम

घुटनों पर रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ…

तेरी ममता की छाँव में,
न जाने कब मैं बड़ा हुआ…

काला टीका, दूध मलाई,
आज भी सब कुछ वैसा हैं…

मैं ही मैं हूँ हर जगह
प्यार ये तेरा कैसा हैं?

सीधा-साधा भोला-भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ…

कितना भी हो जाऊं बड़ा,
“माँ” मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ…