महाकाल शायरी | Mahakal Shayari

Mahakal Shayari

Mahakal Shayari in Hindi – इस पोस्ट में महाकाल पर बेहतरीन शायरी दी गयी हैं, इस पोस्ट को जरूर पढ़े और दोस्तों के साथ शेयर करें.

महाकाल शायरी | Mahakaal Shayari

बैरागी बने तो जग छूटे,
सन्यासी बने तो छूटे तन,
महाकाल से प्रेम हो जाये
तो छूटे आत्मा के सब बंधन.


दुनियादारी से दूर रहता हूँ,
महाकाल की भक्ति में चूर रहता हूँ.


जो पूरी दुनिया में शव के भस्म से नहाते हैं,
ऐसे ही नहीं वो कालों के काल महाकाल कहलाते है.
Best Mahakal Shayari


ना जिन्दगी की ख़ुशी ना मौत का गम,
जब तक हैं दम महाकाल के भक्त रहेंगे हम.


खुल चुका है नेत्र तीसरा शिव शम्भू त्रिकाल का,
इस कलयुग में वो ही बचेगा जो भक्त होगा महाकाल का.


आंधी तूफानों से वो डरते हैं,
जिनके मन में प्राण बसते हैं,
वो मौत देखकर भी हँसते हैं,
जिनके मन में महाकाल बसते हैं.
Mahakal Shayari in Hindi


कृपा जिनकी मेरे ऊपर तेवर भी उन्हीं का वरदान हैं,
शान से जीना सिखाया जिसने ‘महाकाल’ उनका नाम हैं.


मौत का डर उनको लगता हैं,
जिनके कर्मो में दाग हैं,
हम तो महाकाल के भक्त हैं,
हमारे तो खून में ही आग हैं.


खुद को महाकाल से जोड़ दो,
बाकि सब महाकाल पर छोड़ दो.


काल की आखों में आँखे दाल के वहीं देख सकता हैं,
जिसकी निगाहों में महाकाल बसते हैं.
Mahakal Shayari


क्या तेरा क्या मेरा सब कुछ यहीं रह जाएगा,
महाकाल के भक्त बनो खुद पर विश्वास बढ़ जाएगा.