मजदूर दिवस शायरी | Labour Day Shayari

Labour Day Shayari

Labour Day Shayari in Hindi ( Majdoor Diwas Shayari ) – इस पोस्ट में मजदूर दिवस पर बेहतरीन लेखको की बेहतरीन लेबर डे शायरी दी गयी हैं. अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस 1 मई, 1886 से मानी जाती हैं जब अमेरिका के मजदूर यूनियन ने 8 घंटे काम का समय रखने के लिए हड़ताल किया था. भारत में मज़दूरों के 8 घंटे काम करने से संबंधित क़ानून लागू हैं.

बेस्ट शायरी फॉर लेबर डे | Best Shayari for Labour Day

मिल मालिक के कुत्ते भी चर्बीले हैं,
लेकिन मजदूरों के चेहरे पीले हैं.
तनवीर सिप्रा


आने वाले जाने वाले के लिए,
आदमी मजदूर हैं राहें बनाने के लिए.
हफ़ीज जालंधरी


सो जाता हैं फुटपाथ पे अखबार बिछा कर,
मजदूर कभी नींद की गोली नहीं खाता.
मुनव्वर राना


होने दो चरागाँ महलों में क्या हम को अगर दीवाली हैं,
मजदूर हैं हम मजदूर हैं हम मजदूर की दुनिया काली हैं.
जमील मजहरी


मैं मजदूर हूँ मजबूर नहीं,
यह कहने में मुझे शर्म नहीं,
अपने पसीने की खाता हूँ,
मैं मिटटी को सोना बनाता हूँ.


अमीरी में अक्सर अमीर अपनी सुकून को खोता हैं,
मजदूर खा के सूखी रोटी बड़े आराम से सोता हैं.


किसी को क्या बताये कि कितने मजबूर हैं हम,
बस इतना समझ लीजिये कि मजदूर हैं हम.


हाथो में लाठी हैं,
मजबूत उसकी कद-काठी हैं,
हर बाधा वो कर देता हैं दूर,
दुनिया उसे कहती हैं मजदूर.


मजदूर अपना कर्म करता जरूर हैं,
इसलिए देश को उस पर गुरूर हैं.


जिन्दगी दिन-प्रतिदिन मजदूर हुई जा रही हैं,
और लोग ‘इंजिनियर साहब’ कहके ताने दिए जा रहे हैं.


परेशानियाँ बढ़ जाए तो इंसान मजबूर होता हैं,
श्रम करने वाला हर व्यक्ति मजदूर होता हैं.