बचपन शायरी | Children Shayari | Bachpan Shayari

Children Shayari in Hindi – बच्चे होते हैं मन के सच्चे…इस पोस्ट को पढ़कर आपको अपना बचपना याद आ जायेगा. बेहतरीन Children Shayari, Child Shayari, Kids Shayari, Bachpan Shayari के लिए इसे जरूर पढ़े…

Children Shayari

Best Children Shayari in Hindi | बेस्ट चिल्ड्रेन शायरी हिंदी में

मैंने मिट्टी भी जमा की, खिलौने भी लेकर देखे,
जिन्दगी में वो मुस्कुराहट नही आई जो बचपन में देखे.


ये दौलत भी ले लो,
ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी.


ख़ुदा अबकी बार जो मेरी कहानी लिखना,
बचपन में ही मर जाऊ ऐसी जिंदगानी लिखना.


जब थे दिन बचपन के
वो थे बहुत सुहाने पल
उदासी से न था नाता
गुस्सा तो कभी न था आता…


देखा करों कभी अपनी
माँ की आँखों में भी,
ये वो आईना हैं जिसमें
बच्चे कभी बूढ़े नही होते…


बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे,
तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे.


आज ऊँगली थाम ले मेरी,
तुझे मैं चलना सिखलाऊं,
कल हाथ पकड़ना मेरा,
जब मैं बूढ़ा हो जाऊं…!!!!


इसे भी पढ़ने लिखने सपना सजाना अच्छा लगता हैं,
रोज शाम पार्क में खेलने जाना अच्छा लगता हैं,
मजबूरी ने कर दिया वक्त से पहले बड़ा इसे,
वरना सर पर किसको बोझ उठाना अच्छा लगता हैं.


जरूरी नही रौशनी चिरागों से ही हो,
बेटियाँ भी घर में उजाला करती हैं…


तूने जब धरती पर सांस ली,
तब तेरे माँ-बाप तेरे साथ थे,
माता-पिता जब अंतिम सांस ले
तब तू भी उनके साथ रहना…


झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम,
ये उन दिनों की बात हैं… जब बच्चे थे हम…


स्कूल का वो बैग,
फिर से थमा दे माँ…
यह जिन्दगी का बोझ
उठाना मुश्किल हैं…


उदास रहता हैं मोहल्ले में
बारिश का पानी आजकल,
सुना हैं कागज की नाव
बनाने वाले बच्चे अब बड़े हो गये हैं…


पेट की भूख ने जिन्दगी के हर एक रंग दिखा दिए,
जो बच्चे अपना बोझ उठा ना पाए, पेट की भूख ने पत्थर उठवा दिए.


वो बचपन की अमीरी न जाने कहाँ खो गई,
बारिश, पानी और जहाज की बातें ख्वाब हो गई.


बचपन के किस्सों में जिन्दगी ढूढ़ते हैं,
वो बे परवाह बचपन, वो छोटी-छोटी खवाहिशें


रोने की वजह भी न थी
न हंसने का बहाना था
क्यो हो गए हम इतने बडे
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था


भूख चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे
बेचते फिरते हैं गलियों में ग़ुबारे बच्चे


बच्चा बोला देख कर मस्जिद आली-शान,
अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान.


बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो,
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे.


एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर,
नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर.


आज भी याद आता है
बचपन का वो खिलखिलाना
दोस्तों से लड़ना, रूठना, मनाना