चाँद शायरी | Chand Shayari | Moon Shayari

Chand Shayari

Moon Shayari in Hindi ( Chand Shayari ) – इस पोस्ट में चाँद पर बेहतरीन शायरी लिखा गया हैं. इस पोस्ट में दिए गये शायरी को जरूर पढ़े. जब भी हम ज़मीन से चाँद को देखते हैं तो चाँद बहुत ही ख़ूबसूरत नजर आता हैं. बहुत से लोग चाँद-सितारों को देखते-देखते कई कविता, शायरी, गाना और किताब तक लिख दिए हैं. इंसान भले ही चाँद पर पहुँच गया है लेकिन जमीन से देखने पर लगता हैं कि आज भी चाँद अपने अंदर हजारों राज लिए बैठा हैं.

चाँद शायरी | Chand Shayari | Chadni Shayari | Moon Shayari

पूरे की ख्वाहिश में ये इंसान बहुत कुछ खोता हैं,
भूल जाता हैं कि आधा चाँद भी ख़ूबसूरत होता हैं.
Chand Motivational Shayari


मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा हैं,
वो तारों में तन्हा हैं और मैं हजारों में तन्हा…


कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए,
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए.
बशीर बद्र


उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा,
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा.
इफ़्तिख़ार नसीम
Chand Love Shayari


ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए,
मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए.


बेचैन इस क़दर था कि सोया न रात भर
पलकों से लिख रहा था तेरा नाम चाँद पर
Chand Shayari for Girlfriend


रात में एक टूटता तारा देखा बिलकुल मेरे जैसा था,
चाँद को कोई फ़र्क नही पड़ा बिल्कुल तेरे जैसा था.


मोहब्बत भी चाँद की तरह दिखता हैं,
जब पूरा होता हैं तो फिर घटने लगता हैं.


एक रात हसीं ऐसी भी हो जब फूल बिछे राहों में हो,
एक चाँद फलक पे निकला हो एक चाँद मेरी बाहों में हो.


ऐ चाँद तू भूल जायेगा अपने आप को,
जब सुनेगा दास्तान मेरे प्यार की,
क्यूँ करता है तू गुरूर अपने आप पे इतना
तू तो सिर्फ़ परछाई है मेरे यार की.


चार दिन की चाँदनी शाम के साथ ढल गई,
क्या लेकर आया था इंसान, शरीर के साथ जल गई.


रात भर करता रहा तेरी तारीफ़ चाँद से,
चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया…


चाँद की चाँदनी से एक पालकी बनाई हैं,
यह पालकी मैंने तारों से सजाई हैं,
ऐ हवा जरा धीरे-धीरे चलना
मेरे दोस्त को बड़ी प्यारी नींद आई हैं.


उस चाँद को बहुत गुरूर हैं कि उसके पास नूर हैं,
मगर वो क्या जाने कि मेरा यार भी कोहिनूर हैं.


तुम कहो तो चाँद तोड़कर रख दू हथेली पर,
दिल करें तो आओ कभी हवेली पर.
Funny Chand Shayari, Funny Moon Shayari


रात गुमसुम हैं मगर चाँद ख़ामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों की गहराई में आज
हाथ में जाम हैं, मगर पीने का होश नहीं.