पैडमैन की रियल कहानी : अरूणाचलम मुरूगनंतम | Arunachalam Muruganantham Life Story and Padman movie story in hindi

Arunachalam Muruganantham “Padman” Biography in hindiWho is Padman? ‘PADMAN‘ का असली नाम ‘अरूणाचलम मुरूगनंतम’ हैं. इन्ही की जीवनी पर ही अक्षय कुमार की PADMAN फिल्म बनी हैं. आज भी भारत की एक बड़ी आबादी बुनियादी सुख-सुविधाओं से वंचित हैं.

Arunachalam Muruganantam Padman

Padman‘ की कहानी भी एक छोटे से गाँव से शुरू होती हैं जहाँ महँगाई की वजह से महिलाएँ पीरियड्स के दौरान पैड का इस्तेमाल नही करती हैं. आज भी गाँव के लोगो की इतनी आमदनी नही होती हैं कि वो हर महीने अपने परिवार के महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान ‘पैड’ खरीद सके. महिलाओं की इस समस्या को अच्छी तरह समझकर इसका हल “अरूणाचलम मुरूगनंतम” ने निकाला.

Arunachalam Muruganantham Biography in Hindi | अरूणाचलम मुरूगनंतम बायोग्राफी हिंदी में

नाम – अरूणाचलम मुरूगनंतम ( Arunachalam Muruganantham )
जन्म – 1962
जन्म स्थान – कोयम्बटूर, तमिलनाडु
राष्ट्रीयता – भारतीय
आर्गेनाइजेशन – जयाश्री इंडस्ट्रीज
पिता – एस. अरूणाचलम
माता – ए. वनिता
पत्नी – शान्ति
अवार्ड – पद्मश्री

अरूणाचलम मुरूगनंतम का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था. बचपन में ही इनके पिता का निधन सड़क दुर्घटना में हो गयी थी. पिता के निधन के बाद, इनकी माता मजदूरी करके किसी तरह से घर को चलाती थी. अरूणाचलम मुरूगनंतम 14 साल की उम्र में स्कूल से निकाल दिया गया जिसके बाद घर की जिम्मेदारी निभाने के लिए तरह-तरह की नौकरियाँ की.

पैडमैन की कहानी – पत्नी के लिए बनाये सस्ते पैड | Padman Story in Hindi | Padman meaning in hindi

अरूणाचलम मुरूगनंतम का विवाह शांति नाम की महिला से 1998 में हुआ. एक दिन जब मुरूगनंतम दोपहर का खाना खाने के बाद बैठकर आराम कर रहे थे, तब उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी कुछ छुपकर ले जा रही हैं. तब अरूणाचलम मुरूगनंतम ने पूछा “वह क्या हैं?” उनकी पत्नी ने कुछ अजीब तरह से ही जबाब दिया. इससे आपका कोई मतलब नही हैं. तब अरूणाचलम मुरूगनंतम ने एक बहुत ही खराब और गन्दा कपड़ा देखा शायद यह मोटरसाइकिल पोछने वाले कपडे से भी ज्यादा गंदा था. वे समझ गये कि इन कपड़ो का इस्तेमाल उनकी पत्नी ने पीरियडस के दौरान किया हैं.

तब उन्होंने अपनी पत्नी से पूछा कि Sanitary Napkin क्यों नही प्रयोग करती हो यह Unhygienic हैं इससे तुम बीमार हो सकती हो. तब उनकी पत्नी ने कहा कि अगर मैं नैपकिन प्रयोग करुँगी तो घर के खर्चो पर इसका असर पड़ेगा.

उसी दिन अरूणाचलम मुरूगनंतम एक दूकान पर Sanitary Napkin का एक पैकेट खरीदने गये और दूकान वाले ने पूछा किस ब्रांड का चाहिए. तब उन्होंने एक पैकट की तरफ इशारा किया और उस पैकेट को खरीद लिया और रिसर्च शुरू कर दिया.

Sanitary Napkin का जो पैकेट लिया था उसकी कीमत चार रूपये थी और उसमे मुस्किल से 10 कॉटन रहा होगा. अगर हम बाजार में 10 ग्राम कॉटन ख़रीदे तो उसकी कीमत 10 पैसे के आसपास होगी. उनके दिमाग में यही बात आई और उन्होंने अपनी पत्नी के लिए सस्ते Sanitary Napkin बनाने का मन बना लिया.

अरूणाचलम मुरूगनंतम को सस्ते पैड की मशीन बनाने के लिएय करीब 2 साल लग गये. इन दो सालों में हजारो बार उन्हें निराशा हाथ लगी पर वे हार नही माने और मुश्किलों का सामना करते हुए, सबसे कम लागत में सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली मशीन का अविष्कार कर ही डाला.

जयाश्री इंडस्ट्रीज की शुरूआत Jayaashree Industries

अरूणाचलम मुरूगनंतम ने सस्ते Sanitary Napkin बनाने वाली मशीन और तकनीकी के अपने सुझाव को 2006 में आईआईटी मद्रास के सामने रखा और इसके बाद IIT ने इसे नेशनल इनोवेशन अवार्ड ( National Innovation Award ) के लिए भेजा. हजारों आइडियाज में इसका पहला स्थान आया. अवार्ड जीतने के बाद उन्होंने जयाश्री इंडस्ट्रीज ( Jayaashree Industries ) की शुरूआत की. इस संस्थान के द्वारा बनाई गयी हजारों मशीनें आज पूरे भारत में चल रही हैं. इस अविष्कार को खरीदने के लिए बड़ी कंपनी और कॉर्पोरेट संस्थानों ने पूरी कोशिश की थी पर अरूणाचलम मुरूगनंतम ने इस आविष्कार को बेचने से मना कर दिया था.

अरूणाचलम मुरूगनंतम भाषण | Arunachalam Muruganantham Speech

अरूणाचलम मुरूगनंतम ने कई विश्व-विख्यात संस्थानों में भाषण भी दे चुके हैं जिसमे
आईआईएम बैंगलोर ( IIM Bangalore ), आईआईटी बॉम्बे ( IIT Bombay ), आईआईएम अहमदाबाद ( IIM Ahmedabad ) और हावर्ड ( Howard ) शामिल हैं.

अरूणाचलम मुरूगनंतम की उपलब्धियाँ | Arunachalam Muruganantham Awards

इन्हें भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया हैं. अरूणाचलम मुरूगनंतम को 2014 में, टाइम मैगजीन द्वारा विश्व के सबसे 100 प्रभावशाली लोगो की सूची में शामिल किया गया था. उनके जीवनी के ऊपर डाक्यूमेंट्री भी बनाई गयी हैं.

अरूणाचलम मुरूगनंतम ‘पैडमैन’ के जीवनी से सीख | Learning from the biography of Arunachalam Muruganantam ‘Padman’

अरूणाचलम मुरूगनंतम ‘पैडमैन’ की जीवनी पढ़ने के बाद बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिससे सभी को सीख लेनी चाहिए.

  1. कम पढ़ा-लिखा और मिडिल क्लास फैमली में होने के बावजूद अरूणाचलम मुरूगनंतम की सकारात्मक सोच उनके आविष्कार का कारण बना. बहुत सारी समस्याएँ हमसे हर दिन टकराती हैं लेकिन जब उस समस्या को लेकर कोई सकारात्मक कदम उठाता हैं तो वह आविष्कार बन जात हैं.
  2. भारत एक विकासशील देश हैं जहाँ आविष्कार और व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं पर हम अपने जीवन में बहुत जल्दी हार मान लेते हैं और सारा दोष किसी और पर डाल देते हैं.
  3. आप भारत में जहाँ भी खड़े हो जायेंगे हर जगह कोई-न-कोई समस्या या कमी दिख जायेगी. ऐसी जगह आविष्कार और बिज़नस करना सबसे आसान होता हैं. अपने आप को समझने का प्रयत्न करें. खुद की क्षमता और उर्जा का सही उपयोग करें.

परिश्रम को कोई दूसरा विकल्प नही होता हैं और दिल से किया गया परिश्रम कभी भी निरर्थक नही होता हैं.

पैडमैन फिल्म – अरुणाचलम मुरुगनंतम की एक वास्तविक कहानी है | Padman Movie – A real story of Arunachalam Muruganantham

अरुणाचलम मुरुगनंतम कम पढ़े होने के बावजूद भी अपने संघर्ष और परिश्रम से जो आविष्कार किया हैं उसकी सराहना शब्दों में नही की जा सकती हैं. समाज की महिलाओं के लिए एक बेहतरीन आविष्कार किया हैं. उनकी जीवनी से प्रभवित होकर बॉलीवुड में “पैडमैन | Padman” नाम की एक फिल्म बनाई जा रही हैं.