APJ Abdul Kalam Poem in Hindi | एपीजे अब्दुल कलाम कविता हिंदी में

APJ Abdul Kalam Poem in Hindi – डॉ. अब्दुल कलाम आज भी करोंड़ों लोगो के दिलों में जिन्दा हैं. उनके द्वारा लिखी गई किताबे और भाषण आज भी प्रेरणा देते हैं.

#1 APJ Abdul Kalam Poem | एपीजे अब्दुल कलाम कविता

बोलते-बोलते अचानक धड़ाम से
जमीन पर गिरा एक फिर वटवृक्ष
फिर कभी नही उठने की लिए
वृक्ष जो रत्न था,
वृक्ष जो शक्ति पुंज था,
वृक्ष जो न बोले तो भी
खिलखिलाहट बिखेरता था
चीर देता था हर सन्नाटे का सीना
सियासत से कोसों दूर
अन्वेषण के अनंत नशे में चूर
वृक्ष अब नही उठेगा कभी
अंकुरित होंगे उसके सपने
फिर इसी जमीन से
उगलेंगे मिसाइलें
शन्ति के दुश्मनों को
सबक सीखने के लिए
वृक्ष कभी मरते नही
अंकुरित होते हैं
नये-नये पल्लवों के साथ
वे किसी के अब्दुल होते है
किसी के कलाम.

#2 APJ Abdul Kalam Poem | एपीजे अब्दुल कलाम कविता


हमारा सलाम, कलाम के नाम

आइये, एक महान आत्मा को सलाम करे,
एक ऐसी आत्मा, जिन्होंने अपना जीवन,
बलिदान कर दिया – हमारे लिए.
आइये, श्रद्धांजलि दे एक ऐसी आत्मा को,
जिन्होंने असम्भव को संभव किया हमारे लिए.
आइये , एक महान आत्मा श्रद्धांजलि दे ,
जिसने अपने देश के लिए एक सपना देखा.
आइये, हम अपने भूतपूर्व राष्ट्रपति को नमन करें,
जिन्होंने हर विद्यार्थी को प्रोत्साहित किया,
जिनके किताबों और भाषण ने हमें प्रेरणा दी.
आइये, एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो किसी भी धर्म के बीच अंतर नही करते.
एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो सबके दिल पर राज करते हैं .

डॉ. अब्दुल कलम जी, हम आपको हमेशा याद रखेंगे. हम आपसे वादा करते है कि हम आपके सपनों को साकार करेंगे.
– हर्षिता

#3 APJ Abdul Kalam Poem | एपीजे अब्दुल कलाम कविता

देश का सच्चा सपूत था वो
जात-पात से परे नेक बन्दा था वो
फ़कीराना जिन्दगी जीकर जिसने
देश को ताकतवर बनाया
सबसे चाहिता राष्ट्रपति कहलाकर
दिलों में अपनी जगह बनाया
नम आँखों को छोड़ वो
अनगिनत यादों में बस गया
मिसाइल मेन कहलाने वाल
अलविदा दोस्तों कह गया.
– Karanika Pathak