अहमद फ़राज की बेहतरीन शायरी | Ahmad Faraz Shayari

Best Shayari of Ahmad Faraz – अहमद फ़राज को आधुनिक युग का ग़ालिब माना जाता हैं, इन्हें इनकी बेहतरीन ग़जलों, नज्मों और शायरी के लिए जाना जाता हैं. इस पोस्ट में Ahmad Faraz की बेहतरीन शायरी दी गयी हैं इसे जरूर पढ़े.

अहमद फ़राज़ शायरी | Ahmad Faraz Shayari

उस शख्स से बस इतना सा ताल्लुक़ है फ़राज़
वो परेशां हो तो हमें नींद नहीं आती


उसने मुझे छोड़ दिया तो क्या हुआ फ़राज़
मैंने भी तो छोड़ा था सारा ज़माना उसके लिए


आशिक़ी में ‘मीर’ जैसे ख़्वाब मत देखा करो
बावले हो जाओगे महताब मत देखा करो


ये मुमकिन नहीं की सब लोग ही बदल जाते हैं
कुछ हालात के सांचों में भी ढल जाते हैं


जब भी दिल खोल के रोए होंगे
लोग आराम से सोए होंगे


बर्बाद करने के और भी रास्ते थे फ़राज़
न जाने उन्हें मुहब्बत का ही ख्याल क्यूं आया


कौन देता है उम्र भर का सहारा फ़राज़
लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं


खाली हाथों को कभी गौर से देखा है फ़राज़
किस तरह लोग लकीरों से निकल जाते हैं


तू भी तो आईने की तरह बेवफ़ा निकला फ़राज़
जो सामने आया उसी का हो गया


बच न सका ख़ुदा भी मुहब्बत के तकाज़ों से फ़राज़
एक महबूब की खातिर सारा जहाँ बना डाला


ये वफ़ा उन दिनों की बात है फ़राज़
जब लोग सच्चे और मकान कच्चे हुआ करते थे


दीवार क्या गिरी मेरे कच्चे मकान की फ़राज़
लोगों ने मेरे घर से रास्ते बना लिए


मुहब्बत में मैंने किया कुछ नहीं लुटा दिया फ़राज़
उस को पसंद थी रौशनी और मैंने खुद को जला दिया


वो बेवफा न था यूँ ही बदनाम हो गया फ़राज़
हजारों चाहने वाले थे वो किस किस से वफ़ा करते